मंडी में किसान अपना माल फैला कर एक कोने में हाथ बांध कर मज़दूरों की तरह बैठ जाता है।
और बार-बार मंडी के दलाल से विनती करता रहता है कि साहब मेरे माल की भी बोली लगवा दो।
दलाल:- रुक जा , देख नही रहा, कितने लोग है लाइन में।
किसान: चुपचाप एक कोने में फिर बैठ जाता है, और थोड़ी देर में फिर दलाल के पास...
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